
राजनांदगांव : ई-ऑफिस अनिवार्य, अवैध खनन व मिलावट पर चोट…
राजनांदगांव , जिले में प्रशासनिक कामकाज को धीमी फाइलों से निकालकर तेज एक्शन की ओर ले जाने के लिए कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में स्पष्ट रोडमैप रखा। इस बार फोकस सिर्फ समीक्षा नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने पर रहा। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई बैठक में कलेक्टर ने दो टूक कहा अब हर विभाग को ई-ऑफिस के जरिए ही काम करना होगा। इससे न सिर्फ फाइलों की ट्रैकिंग आसान होगी, बल्कि यह भी तय होगा कि देरी के लिए जिम्मेदार कौन है।
इस बैठक की खास बात यह रही कि प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेही आधारित सिस्टम में बदलने पर जोर दिया गया। यानी हर लंबित फाइल, हर शिकायत और हर योजना के पीछे जिम्मेदार अधिकारी चिन्हित होंगे। पुल-पुलियों के पिलरों के नीचे से हो रहे अवैध रेत खनन को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने एसडीएम और खनिज विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। संकेत साफ है कि राजस्व नुकसान और संरचनात्मक खतरे दोनों पर अब एक साथ प्रहार होगा।
इसे लेकर दिए निर्देश: प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान बारिश से पहले पूरे करने के निर्देश। पीएमजीएसवाई और अन्य सड़कों का निर्माण समय पर पूरा करने पर जोर। जल जीवन मिशन के गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले ठेकेदारों को समय पर भुगतान। सूर्यघर योजना और धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश।
खाद्य मिलावट पर सीधी तत्काल कार्रवाई करें खाद्य दुकानों और प्रतिष्ठानों की नियमित जांच के निर्देश देते हुए कहा गया कि मिलावटी या एक्सपायरी सामान मिलने पर तत्काल कार्रवाई हो। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी तय होगी। मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और पीजीएन पोर्टल के लंबित मामलों पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। निर्देश दिए गए कि हर शिकायत का समय-सीमा में निराकरण हो और इसकी निगरानी भी की जाए। राजस्व एवं भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए।


